विचार मंथन

Share your thought with all to make change in the World

21 Posts

112 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 17555 postid : 1339828

मानवता और मजहब

Posted On: 12 Jul, 2017 social issues में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

आप रोज़ सोशल मीडिया, न्यूज़ और अख़बार में पढ़ते होंगे कि कैसे देश में धर्म के नाम पर अशांति और गुस्सा भरा हुआ है। ये सब सुन और पढ़कर आपको भी गुस्सा आता होगा, तब आपको चाहिए कि आप सोशल मीडिया, न्यूज़ और अख़बार की सच को समझें कि मीडिया सिर्फ नकारात्मक खबर से ही चलता है। सही खबर समझने के लिए आपको अपने आसपास के लोगों से मिलना होगा। ये एक कहानी जो सच को बयां करती हैं…

उसकी बहन उसे बस में बैठाने आई। शायद वो पहली बार अकेले यात्रा कर रही थी। उसने बहन से कहा कि ड्राइवर और कंडक्टर से कहो कि मुझे अन्धन्य मोड़ (उसका स्टॉप) पर उतार दें। बहन ने कहा दिया। बस चल पड़ी धीरे–धीरे यात्री उतारते रहे। उसने कंडक्टर से पूछा कि  मेरा स्टॉप कब आयेगा। कंडक्टर ने भोला सा मुंह बनाकर कहा यह बस उस रास्ते से नहीं जाती, जहां आपको जाना है। आपको बस बदलनी होगी, फिर तो बस में ग़दर मच गया।

उस औरत को जितनी गलियां आती थी, उसने ड्राइवर और कंडक्टर को दे दी। सहयात्रियों ने सहानभूति जताई। कुछ लोगों ने जाने का रास्ता समझाया पर समस्या ये थी की उसके पास रुपये नहीं थे। सब समझा रहे थे, तभी उसकी सीट के पीछे से एक महिला ने उसकी तरफ कुछ रुपये देते हुए कहा, रो नहीं हम आपके साथ है। लाल बिंदी, चूड़ी और साड़ी पहनी उस महिला ने धन्यवाद भरी नज़रों से उस बुरखा पहनी औरत को देखा।

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

4 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Jain के द्वारा
July 13, 2017

बहुत उन्दा कहानी है

Rinki Raut के द्वारा
July 14, 2017

Thanks for the great comment.

Shobha के द्वारा
July 20, 2017

प्रिय रनकी आपने थोड़े शब्दों में बहुत कह दिया सोचने पर भी विवश कर दिया

Rinki Raut के द्वारा
September 10, 2017

THAKS A LOT SHIBHA JI,YOU ARE ALWAYS BEEN A GREAT MOTIVATOR.


topic of the week



latest from jagran