विचार मंथन

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लेखक को मारना तो बहाना है, कोशिश तो विचारो को मारने की जा रही है...

Posted On: 10 Sep, 2017 Social Issues में

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आज-कल बेवाक लिखनेवाले डरे से नज़र आते है,उनके रिश्तेदार,चाहनेवाले उन्हें सलाह देते नहीं थकते की सभाल कर लिखा करो, पर लेखक बेचारा दुखी सताया हुआ प्राणी लिखे तो “वो” मर देगे न लिखे तो खुद मर जाए करे तो क्या करे? ऐसा नहीं है की इस देश में पहली बार किसी की हत्या की गई है, हमारे पुराणों में भी लिखा है “ सवाल हत्या करते है” अब ये बात किस संदर्भ में लिखी गई थी पता नहीं पर इसका प्रमाण तो है की अगर आप सवाल करेगे तो मरेगेI
दुनिया में यह पहली बार नहीं हो रहा है,की किसी विचारक की हत्या की गई हो अगर आपके विचार किसी की कमाई का जरिया,जनता,ज़मीन और सत्ता को बदलने की ताकत रखता है तो आपक मरना तय है, फिर कोई कानून,पुलिस आपको बचा नहीं सकतीI कुछ बुद्धिजीवियों को लगता है की सारा खेल किसी अमुक धर्म के लोगो का है, शायद ऐसा ऊपर से देखने से लगता हो पर पूरा सच बहुत गहरे तह में छिपा हैI किसी के विचार अगर

WRITER NEVER DIE

किसी भी ऐसे वयवस्था को चुनोती देती है जिससे समाज में क्रांति आ जाए उस विचार को मार दिया जाता हैI
दुनिया में विचार को दबाने के लिए इशु की हत्या कि गई, जब बुद्ध धर्मं अपने चरम पर था तो हत्या हुई, शैव और वैशनव भी लडे, आज -काल आतंकवाद के नाम पर विचारो की हत्या की जा रही हैI
लेखक का शारीर मरता है,उसके विचार हमेशा अमर है
मुझे उन मुर्ख लोगो पर दया आती है जिन्हें लगता है, की किसी इन्सान को मार देने से सब ख़तम हो जाता है तो उन्हें कोई समझाएI विचार ठीक वायरस की तरह है एक से दुसरे में नियंतर बिना रुके किसी न किसी को प्रभावित करता रहता हैI तुम मरते रहो वो अपना रास्ता दूंदता हुआ सही व्यक्ति के पास पहुँच जाएगाI लेखक समुदाय को भी चाहिए की वो भक्त जैसा व्यवहार न करे ज्ञानी जैसे तर्क करे और सत्य को लिखेI
रिंकी

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13 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Rinki Raut के द्वारा
September 11, 2017

The article really has a deep meaning, I too think that people do not respect others value and dignity.

Jain Babu के द्वारा
September 11, 2017

Rinki, Great

Madan Mohan saxena के द्वारा
September 12, 2017

कभी इधर भी पधारें बहुत सुन्दर , काफी कुछ सोचने को विवश करती हुयी

Madan Mohan saxena के द्वारा
September 12, 2017

बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करती सुन्दर रचना ,आपको नमन कभी इधर भी पधारें

Rinki Raut के द्वारा
September 12, 2017

Madan Ji Thanks for the comment

Rinki Raut के द्वारा
September 12, 2017

Thanks a lot

Rajesh Kumar Srivastav के द्वारा
September 13, 2017

यदि किसी के विचार किसी खास व्यक्ति, खास संगठन और खास धर्म या संप्रदाय के विरुद्ध हो तो उसे इसका नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए / ऐसे विचार स्वार्थपरक होते है और इसमें लोककल्याण की भावना निहित नहीं होती /

Rinki Raut के द्वारा
September 13, 2017

राजेश जी धन्यवाद्, कुछ लोग धर्म और समाज के ठेकेदार बन बैठे है

Alka के द्वारा
September 14, 2017

रिंकी जी समसामयिक विचारपूर्ण रचना | बधाई |

Rinki Raut के द्वारा
September 15, 2017

Dear Alka Ji, Thanks for your valuable comments.

Jitendra Mathur के द्वारा
September 15, 2017

मैं आपके विचारों से पूरी तरह सहमत हूँ ।

Rinki Raut के द्वारा
September 16, 2017

Thanks Jitendra Ji, for your comment

Rinki Raut के द्वारा
November 9, 2017

Thanks Jitendra Ji


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