विचार मंथन

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Rinki Raut


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PK को टैक्स फ्री करना

Posted On: 5 Jan, 2015  
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होली के रंग

Posted On: 16 Mar, 2014  
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होली के रंग

Posted On: 16 Mar, 2014  
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तेज़ाब

Posted On: 7 Feb, 2014  
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Hello world!

Posted On: 7 Feb, 2014  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा:

के द्वारा: Rinki Raut Rinki Raut

के द्वारा: Rinki Raut Rinki Raut

प्रिय रिंकी तुमने लेख के माध्यम से बहुत अच्छा प्रश्न उठाया है बेटी में एक संस्था से जुडी हूँ सूर्या संस्थान उसका निर्माण ७० वर्ष की आयु में आशा रानी वोहरा जी ने बहुत कम पूंजी से शुरू किया था उसमें विभिन्न भाषा के कवि और लेखक जुड़े हुए हैं उन सब की एक ही राय है हिंदी के पाठक वर्ग के पास पैसे का अभाव रहता है अखबार भी यदि नाई की दूकान पर मिल जाए सब उसको पढ़ लेते हैं | लेखक लिखने में अपनी जान लगा देते हैं अच्छा लिखते हैं दिल्ली में कई लायब्रेरी हैं जिनमें अनमोल किताबें हैं लेकिन खरीद कर कोई नहीं पढ़ना चाहता अंग्रेजी का पाठक धनाढ्य वर्ग से आता है दूसरा हमारे यहां यह धारणा है आपकी आलमारी में यदि अंग्रेजी के नामी राइटर की किताब है जिसे आपने कभी उठा क्र देखा नहीं आप पढ़े लिखे माने जाओगे आप भी यदि किसी के घर यदि ड्राइंगरूम में किताबें कांच से देखोगे आप भी पढ़े लिखे हमारे यहाँ भी कितने लोग ब्लॉग में किसी के लेख को पढ़ते हैं प्रतिक्रिया दूर की बात है |

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: Rinki Raut Rinki Raut

के द्वारा: Rinki Raut Rinki Raut

आदरणीय महोदया , अपना अनुभव शेयर कर रहा हूँ। २-३ दोस्त साथ रहते है, जिसमे दो दोस्त चाय के लिए होने वाले खर्च आपस में शेयर करते है जबकि तीसरा नहीं। जब पडोसी दोस्त शक़्क़र मांगने आता है और वह कहता है कि चाहे वह कोई दूसरी वस्तु ले जाये जो मेरी अपनी है, लेकिन शक़्क़र दे नहीं सकता क्योंकि इसमें मेरा कोई शेयर नही है। यह सिर्फ महिलाओं की मानसिकता नहीं है, यह एक विचार भी है। कमाने वाला जब पति है, तो पत्नी खर्च करने में संकोच करती है। कभी कभी तो सीमाएं तय हो जाती है कि किसी सीमा तक वह खर्च करने में वह अपने आप को स्वतंत्र समझती है। हर चीज़ अच्छी लगती है जब तक वे सीमाओं के भीतर होती है। विचार अभिव्यक्ति की भी सीमाएं आखिर है ही । बस मन को नियंत्रित करना जरूरी है। जेब यदि फ़टी हो तो किसी काम की नहीं है। शुभकामनाओं सहित।

के द्वारा: Prakash Mausam Prakash Mausam




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